शनिवार, 22 अगस्त 2020

दस्तूर

अजीब दस्तूर है यहाँ का..

लोग हाथ तो देते हैं पर साथ नहीं..!!

@nuj

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बर्बाद

इस कदर हमने खुद को कर लिया बर्बाद  फिर निकले नही जज़्बात कोई उसके जाने के बाद..!!