Writer,Blogger,Lyricist..
मेरे इश्क़ की दास्तान बस इतनी सी है..
मैं 'दास्तान' और वो बस 'इतनी सी' है..!!
@nuj
हाथों की रेखाओं पे मत जाना 'अनुज'
क्योंकि जब वक़्त बदलता है तो रेखाएं
भी बदल जाती हैं..!!
मेरे हर आंसुओं का हिसाब रखती है..
वो 'तकिया' जो हर शब मेरे साथ रहती है..!!
अजीब दस्तूर है यहाँ का..
लोग हाथ तो देते हैं पर साथ नहीं..!!
खुशियों से नाता जोड़ा था,
उदासियाँ बेवजह रिश्ते
निभाने लगी..!!
बातें चोट पहुंचाती हैं..
और यादें दर्द देती हैं..!!
बेवक़्त मिले थे हम दोनों..
बेवक़्त बिछड़ना भी हुआ है ।।
इस कदर हमने खुद को कर लिया बर्बाद फिर निकले नही जज़्बात कोई उसके जाने के बाद..!!