Writer,Blogger,Lyricist..
मंज़िल एक है रास्ते हज़ार..
खोना लाज़मी है यहाँ
इतनी बड़ी भी नहीं है ख़ता..!!
इस कदर हमने खुद को कर लिया बर्बाद फिर निकले नही जज़्बात कोई उसके जाने के बाद..!!
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें