कहानी मुख़्तसर थी
दोंनो ही मिल जाये एक
दूसरे को,थोड़ी कसर थी
छोड़ेंगे नहीं इश्क़ करने वालों को,
जहाँ में बातें होती अक्सर थी
सारी कोशिशें सारी तरकीबें
दुनियादारी पे बेअसर थी
कभी बैठना साथ में तो करेंगें
पूरी कहानी,ये तो सिर्फ बानगी भर थी..!!
@nuj
इस कदर हमने खुद को कर लिया बर्बाद फिर निकले नही जज़्बात कोई उसके जाने के बाद..!!
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