शनिवार, 12 सितंबर 2020

कहानी मुख़्तसर थी

कहानी मुख़्तसर थी

दोंनो ही मिल जाये एक 

दूसरे को,थोड़ी कसर थी

छोड़ेंगे नहीं इश्क़ करने वालों को,

जहाँ में बातें होती अक्सर थी

सारी कोशिशें सारी तरकीबें

दुनियादारी पे बेअसर थी

कभी बैठना साथ में तो करेंगें

पूरी कहानी,ये तो सिर्फ बानगी भर थी..!!

@nuj



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बर्बाद

इस कदर हमने खुद को कर लिया बर्बाद  फिर निकले नही जज़्बात कोई उसके जाने के बाद..!!