शुक्रवार, 11 सितंबर 2020

आरोही क्रम कविता

 इश्क़ 

ठहरा सा

लग रहा है

लेकिन है नहीं

हलचल आएगी इसमें

कई अश्क़ गिरने के बाद

@nuj


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बर्बाद

इस कदर हमने खुद को कर लिया बर्बाद  फिर निकले नही जज़्बात कोई उसके जाने के बाद..!!